चैन्नई से प्रवासियों को लेकर विशेष रेलगाड़ी पहुंची जालोर

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चैन्नई से प्रवासियों को लेकर विशेष रेलगाड़ी पहुंची जालोर
प्रवासी श्रमिकों ने गृह जिले पहुंच, सरकार की मुक्त कंठ से प्रशंसा की
जालोर 7 जून- चैन्नई से जालोर सहित आस पास के जिलों के प्रवासियों को लेकर विशेष रेलगाड़ी रविवार को प्रातः लगभग 11.45 बजे जालोर रेल्वे स्टेशन पहुंची। जिसमे जालोर व अन्य पडोसी जिलों के लगभग 1077 प्रवासी जालोर रेलवे स्टेशन पर उतरे तथा शेष 421 यात्रियों को लेकर विशेष रेलगाड़ी लूनी जोधपुर के लिए रवाना हो गई।
कोरोना महामारी जैसी संकट की घडी मे अपने प्रदेश व गृह जिले की धरती पर पांव रखते ही सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। सभी के चेहरे पर खुशी और सुकून साफ झलक रहा था। प्रदेश सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों को संकट की इस घडी में घर तक पहुचाने के लिये की गई मदद की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।


सरकार का बहुत बहुत धन्यवाद हमें घर पहुचाया
विशेष श्रमिक रेलगाडी से जालोर रेल्वे स्टेशन पर चैन्नई से अकेली पहुंची सिरोही के कैलाश नगर निवासी 67 वर्षीय श्रीमती बेबी देवी पत्नी प्रेमा जी ने बताया कि वे कन्याकुमारी तीर्थ यात्रा के लिये गई हुई थी, परन्तु देश व्यापी लाॅक डाउन के कारण वही फंस गई। उनका वहां पर कोई नही था। जैसे तैसे लगभग ढाई महीने किसी अपरिचित के सहयोग से समय निकाला। उन्होने बताया कि उनके तीन बेटियां है , जो सिरोही मे रात दिन उनके लिये चिंतित थी। ऐसे मे राज्य सरकार और सरकार के मुखिया ने हमारी सुध ली और निशुल्क यात्रा के साथ खाने पीने और घर तक पहुंचाने की बेहतरीन व्यवस्था की । उन्होने सरकार को घर तक पहुंचाने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद दिया।


संकट की घडी मे सहारा बनी सरकार
इसी विशेष रेलगाडी से सिरोही के पालडीयान ग्राम निवासी 76 वर्षीय प्रेमा राम और 72 वर्षीय उनकी धर्मपत्नी मंगू देवी भी अपने पुत्र के साथ जालोर पहुंचे। उन्होने बताया कि उनके बेटे के चैन्नई मे बर्तनों की दुकान है। वे अपने बेटे के साथ वही पर रहते है, परन्तु कोरोना महामारी के कारण व्यवसाय चैपट हो गया है तथा पिछले लम्बे समय से अपने प्रदेश तक पहुचने का प्रयास कर रहे थे। परन्तु लाॅकडाउन के कारण संभव नही हो सका । अब राज्य सरकार संकट की घडी मे सहारा बनी तभी हम लोग घर पहुंच पाये।


घर पहुंच सुकून आया
भीनमाल के बासडाधनजी ग्राम निवासी चेलाराम जो की अपने तथा परिवार के लगभग 8 बच्चों सहित 13 सदस्यों के साथ जालोर रेल्वे स्टेशन पहुंचे । उन्होनें बताया कि कोरोना महामारी का खतरा सभी जगह मंडरा रहा है, परन्तु विश्व व्यापी इस खतरे के बीच अपने घर और अपने लोगों के बीच पहुंच संबल अवश्य मिलेगा। यहां पहुंच कर दिल को अजीब सुकून मिला है। इसके लिये राज्य सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद।
धर्मेन्द्र भी पहुंचा अपने घर
सिरोही निवासी 19 वर्षीय धर्मेन्द्र जो कि अपने हाथ पैर मंे हुई तकलीफ के ईलाज के लिये चैन्नई गया था। लाॅकडाउन के बाद में रेल व बस सेवाए बाधित हो जाने के कारण वही फंस गया था। वह भी चैन्नई से अपना ईलाज करवाकर अपने पिता भूपेन्द्र के साथ जालोर पहुंचा। लगभग दो महीने से भी अधिक समय से वहां फंसे रहने के बाद जालोर से अपने घर सिरोही पहुंचने का उत्साह उसके चेहरे पर साथ झलक रहा था।
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता के निर्देशानुसार इन सभी प्रवासी श्रमिकों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार एवं उपखंड अधिकारी सी.एल. जीनगर के मार्गदर्शन में सोशल डिस्टेंसिंग एवं एडवाईजरी की पालना करते हुए रेलवे स्टेशन से रोडवेज की बसों द्वारा शाह पंूजाजी गेनाजी स्टेडियम ले जा गया। जहां पर सर्वप्रथम प्रवासी श्रमिकों को नगरपरिषद के कार्मिकों द्वारा सेनेट्राईज किया गया । इसके पश्चात् स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण कर पंजीयन करने के बाद जिला प्रशासन द्वारा अल्पाहार, भोजन एवं पानी की बोतलें सहित राज्य सरकार के निर्देशानुसार श्रमिक स्पेशल बैनर लगी रोडवेज बसों से गंतव्य स्थानों तक पहुंचाया गया।
इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश सिंघारिया, मुख्य रोडवेज प्रबंधक अशोक सांखला, रोडवेज प्रभारी खेतसिंह राठौड़ सहित विभिन्न अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
रेलवे स्टेशन पर पुलिस की माकूल व्यवस्था के बीच जालोर थानाधिकारी बाघसिंह, सहित रेलवे प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी ने व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। रेल्वे स्टेशन पर जालोर से आगे लूणी जाने वाले यात्रियों को भी अल्पाहार ,भोजन व पानी की बोतलें वितरित की गई।
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