देवासी ने सिणधरा बांध पर बजरी खनन व दोहन से उत्पन्न हो रही स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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देवासी ने सिणधरा बांध पर बजरी खनन व दोहन से उत्पन्न हो रही स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

जालोर। जालौर के जसवंतपूरा में स्तिथि सिणधरा बांध का शिलान्यास 2003 कांग्रेस सरकार के समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कर कमलों से हुआ था यह बांध क्षेत्र में पेयजल सहित किसानों की आवश्यकता पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बांध है यह बात आज पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी ने कही।

देवासी ने बताया कि सिणधरा बांध पर बजरी खनन व अन्य जगह हो रहे बजरी खनन से बजरी माफियों व अन्य व्यक्तियों के बीच विवाद से संभावित गेंगवार उत्पन्न होने की संभावना है। यहां अवैध रूप से हो रहा भारी मात्रा में बजरी खनन व दोहन तथा माफियों द्वारा कार्यवाही के नाम पर गरीबों व्यक्तियों के ट्रैक्टर पकड़वाये जा रहे है ताकि इन तक कोई आंच नही आवें। सम्पूर्ण स्थिति, आंवटित लीज, बजरी खनन सहित अन्य निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्यवाही करने। ऐसे माफियों पर कार्यवाही करने वाले पुलिस कर्मियों को धमकाने व पुलिस पर संभावित जान लेवा हमले सहित वर्तमान में बजरी खनन माफियों की मनमर्जी ओर तानाशाही की वजह से उत्पन्न हो रही स्थिति को लेकर देवासी ने मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख कर अवगत करवाया गया है।

देवासी ने बताया कि यह स्थिति क्षेत्र के आमजन और कानून व्यवस्था के लिए चिंता जनक है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बांध के समीप बजरी खनन को लेकर लीज सहित कई मुद्दों की जांच हेतु कई बार आमजन द्वारा प्रशासन को ज्ञापन दिया गया है। आमजन भी चिंता में है की ऐसे खनन होने से बांध एवं आमजन दोनों का भविष्य खतरे में है। वह संपूर्ण विषय चिंताजनक है।

उन्होंने कहा पिछले कई दिनों से इस बजरी खनन को लेकर जो बातें सामने आ रही है वह जिला के लिए व यहां की कानून व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

देवासी ने बताया कि पिछले कई दिनों से सिणधरा बांध पर भारी मात्रा में बजरी खनन का दोहन हो रहा है, इसलिए बजरी माफियों ओर दूसरे व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे बजरी खनन को लेकर इनके बीच शिकायत व झगड़े आम बात हो गई हैं। इस वजह से लड़ाई हेतु जगह-जगह गेंगवार रूप ले रही हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे समक्ष जो जानकारी आई हैं व कई तथ्य जो सामने रखे जा रहे हैं उससे प्रतीत हो रहा है कि सिणधरा बांध पर बजरी खनन करने वाले व्यक्तियों की ऐसी हरकतो से गेंग वार की स्थिति उत्पन्न हो रही हैं। क्योंकि उक्त व्यक्ति अन्य के खिलाफ हरकतें करते रहते हैं।

उन्होंने बताया कि सिणधरा बांध पर ही बजरी भरने आवें, इस हेतु माफियों द्वारा गरीब व्यक्तियों को ट्रेक्टर समेत पकड़ाया जा रहा है। ताकि बजरी इनकी ही जावे। साथ ही ओवर लोड डम्पर, अनियमितता के वाहन आदि लॉकडाउन का फायदा उठा कर रात भर भारी मात्रा में अवैध बजरी खनन व दोहन किया जा रहा है।

देवासी ने बताया कि ऐसी बहुत सी जानकारी है जो भयभीत हो कर व्यक्ति बता रहे है। मगर आगे बोल नही पा रहे हैं क्योंकि इन्हें इन माफियों से डर लग रहा है। कई बार इन माफियों द्वारा शिकायतकर्ता व उनके सम्बंधित व्यक्तियों को जो की जनप्रतिनिधी हैं। उन्हें भी रात को माफियां व्यक्तियों द्वारा फोन कर धमकाया भी गया है।

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व तो ऐसी बाते भी सामने आई जहां ऐसे प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा पुलिस पर भी गाड़िया डाली गई व कार्यवाही पर पुलिस से झगड़ा करने की स्थिति बनी थी। साथ ही पुलिस कर्मियों को लगातार धमकाने जैसी स्थिति भी बनी है। इससे पुलिस कर्मियों पर भी हमले की संभावना है। यह चिंता का विषय हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे खनन से जहां सिणधरा बांध व आमजन को खतरा है वही आमजन में अवैध बजरी खनन व दोहन की प्रतिस्पर्धा से भविष्य में गेंगवार की पूरी संभावना हैं।

देवासी ने आमजन के हित, जिला के कानून व्यवस्था के हित में, सिणधरा बांध के उद्देश्यो के हित में, बांध के भविष्य हेतु, अवैध खनन को रोकने हेतु सहित संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर तुंरत प्रभाव से जांच करने के साथ कानून व्यवस्था संबंधित अन्य निर्देश दिलवाने हेतु मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन लिखा गया।

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